नेपाल सीमा पर सख्ती: बैंक शाखाओं में ‘नोट सॉर्टिंग’ मशीन अनिवार्य, फर्जी नोट और धोखाधड़ी पर कड़ा एक्शन

बिहार में अवैध वित्तीय गतिविधियों और नकली नोटों पर लगाम कसने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में स्थित सभी बैंक शाखाओं में ‘नोट सॉर्टिंग’ मशीन लगाना अब अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने और आम लोगों की सुविधा के लिए अधिक मुद्रा विनिमय केंद्र खोलने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नोट सॉर्टिंग मशीन से होगी नोटों की जांच

सरकार के मुताबिक नोट सॉर्टिंग मशीन एक अत्याधुनिक उपकरण है, जो केवल नोटों की गिनती ही नहीं करता बल्कि उनकी गुणवत्ता और असली-नकली होने की भी जांच करता है। इससे फर्जी नोटों के चलन पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

दोषी संस्थाओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

मुख्य सचिव ने 40वीं राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम, 2019 और बिहार जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण अधिनियम, 2002 के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने आर्थिक अपराध इकाई को निर्देश दिया कि दोषी संस्थाओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी एजेंसियों को बेहतर समन्वय और सूचना साझा करने पर जोर दिया गया, ताकि जनता की जमा राशि सुरक्षित रह सके।

अब 1600 नंबर से आएंगी बैंक की असली कॉल

बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि अब बैंकों की ओर से की जाने वाली असली कॉल ‘1600’ से शुरू होने वाले नंबरों से ही आएंगी। इसके अलावा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट की पहचान के लिए यह जरूरी किया गया है कि उनके लिंक के अंत में ‘.in’ हो। इससे आम लोग असली और फर्जी वेबसाइट के बीच आसानी से अंतर कर सकेंगे।

धोखाधड़ी रोकने के लिए जागरूकता अभियान तेज

वित्त विभाग और आरबीआई की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सोशल मीडिया, रेडियो और अखबारों के जरिए लोगों को वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं, ताकि वे सतर्क रह सकें।

AI से लैस प्लेटफॉर्म करेगा रियल टाइम मॉनिटरिंग

आरबीआई ने ‘डिजिटल पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म’ की भी जानकारी दी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए रियल टाइम में धोखाधड़ी की पहचान करेगा। यह प्लेटफॉर्म संदिग्ध गतिविधियों और संस्थाओं को तुरंत चिन्हित करने में सक्षम होगा, जिससे वित्तीय सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकेगा।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

इस अहम बैठक में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, विशेष सचिव मुकेश कुमार लाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और राज्य में वित्तीय सुरक्षा को मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की गई।

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